छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी पर उठे सवाल 10 माह का डीए एरियर न मिलने पर कर्मचारियों ने इंद्रावती भवन में काली पट्टी बांधकर किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर, प्रवक्ता.कॉम 3 नवंबर 2026
राज्य के करीब साढ़े चार लाख अधिकारी-कर्मचारियों और डेढ़ लाख पेंशनभोगियों ने छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव के अवसर पर सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र (मोदी की गारंटी) में केंद्रीय कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने का वादा किया गया था। हालांकि, 10 महीने बीत जाने के बाद भी बिना एरियर के डीए भुगतान किए जाने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
इस एक सूत्रीय मांग को लेकर आज ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के बैनर तले सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों ने इंद्रावती भवन, नया रायपुर (विभागाध्यक्ष कार्यालय) में भोजन अवकाश के समय काली पट्टी बांधकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
एरियर न देना बना परंपरा
प्रदर्शन के दौरान प्रांतीय संयोजक करन सिंह अटेरिया ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की पूर्व और वर्तमान—दोनों ही सरकारों ने समय पर महंगाई भत्ता न देने और एरियर की राशि को “हजम” करने की अघोषित परंपरा बना ली है।
आर्थिक शोषण के खिलाफ एकजुटता की अपील प्रदेश सचिव जितेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस अघोषित परंपरा के खिलाफ प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों को एक मंच पर आना होगा। अलग-अलग टुकड़ों में बंटे रहने के कारण कर्मचारियों का लगातार आर्थिक शोषण हो रहा है।
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख रूप से लोकेश कुमार वर्मा, दिलीप बंजारे, जी.एस. कोरी, सुनील भूमरकर, अजय खांडेकर, श्रीमती दुलेश्री कुर्रे, गीता बड़गे, वंदना राहुल, सुधा साहू, एम.डी. मानिकपुरी, भट्टाचार्य और चेतन कुमार साहू सहित कई अन्य कर्मचारी नेता व अधिकारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों की दो टूक मांग है कि सरकार बिना किसी विलंब के देय तिथि से पूरा महंगाई भत्ता और उसका बकाया एरियर तुरंत भुगतान करे, अन्यथा यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।





