वीएसके ऐप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने पर डीईओ ने बीईओ और प्राचार्यों को थमाया नोटिस, 5 दिनों में मांगा स्पष्टीकरण
नियमों का उल्लंघन: "छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन पर डीईओ सख्त, बीईओ और प्राचार्यों की तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी।" प्रमुख चेतावनी: "वीएसके ऐप ऑनलाइन उपस्थिति मामला: लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर गिरेगी गाज।"
प्रवक्ता.कॉम 3 नवंबर 2026
बलौदाबाजार-भाटापारा
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा वीएसके (VSK) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने कड़ा रुख अपनाया है। विभागीय आदेशों की लगातार अनदेखी और स्वेच्छाचारिता बरतने पर सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और शासकीय हाई/हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी कर 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य समाचार विवरण
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय स्कूलों के सभी कर्मचारियों को वीएसके ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, ऑनलाइन रिपोर्ट की समीक्षा करने पर यह पाया गया कि संलग्न सूची में दर्ज कई शिक्षक और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जो शासन के नियमों और निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसे अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुशासनहीनता तथा स्वेच्छाचारिता माना गया है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 7 के विपरीत है।
नोटिस की मुख्य बातें
ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य
संलग्न GoogleSheet में वीएसके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने के कारणों को स्पष्ट रूप से 05 दिवस के भीतर अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
निर्धारित समयसीमा के भीतर गूगल शीट में प्रविष्टि न किए जाने पर यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारी अनाधिकृत रूप से अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई और आरोप पत्र तैयार कर संचालन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी
यदि संबंधित बीईओ या प्राचार्य इस कार्य को संपादित नहीं करते हैं, तो उन्हें शासन के प्रति अनिष्ठ मानते हुए उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया जाएगा।






