रायगढ़ में राष्ट्रीय गान, गीत और राज्यगीत के अशुद्ध गायन पर गरमाई सियासत; कलेक्टर ने सेठ किरोड़ीमल कॉलेज के प्राचार्य को थमाया कड़ा ‘कारण बताओ नोटिस

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रायगढ़ प्रवक्ता. कॉम 4 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित सेठ किरोड़ीमल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित एक भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्यगीत के अशुद्ध एवं अनुचित गायन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रायगढ़ द्वारा कॉलेज के प्राचार्य को एक अत्यंत आवश्यक ‘कारण बताओ सूचना पत्र’ जारी किया गया है, जिसमें 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 2 जुलाई 2026 (पत्र दिनांक 02.11.2026 के अनुसार) को महाविद्यालय में भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्यगीत को न तो निर्धारित क्रम में गवाया गया और न ही इसके आधिकारिक संस्करण (version) का प्रयोग किया गया। जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत खेदजनक और प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही करार दिया है।
कानून और गरिमा का उल्लंघन:
प्रशासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 51-क(क) तथा ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ के तहत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्यगीत का गायन निर्धारित क्रम, आधिकारिक पाठ और संस्करण में किया जाना अनिवार्य है। इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि राष्ट्र एवं राज्य की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुँचाने के समान है। कार्यक्रम से पूर्व पाठ एवं संस्करण का सत्यापन व पर्यवेक्षण न होना प्राचार्य की सीधी जिम्मेदारी और कार्य संचालन में गंभीर चूक को दर्शाता है।
24 घंटे में मांगा गया जवाब, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी:
जिला दंडाधिकारी द्वारा प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर निम्नलिखित बिंदुओं पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें:
- कार्रवाई का कारण: यह स्पष्ट किया जाए कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
- विवरण: कार्यक्रम के प्रभारी, गायन संचालित करने वाले व्यक्तियों के नाम व पदनाम तथा प्रयुक्त क्रम, पाठ एवं संस्करण का पूरा विवरण दिया जाए।
- दोषियों पर एक्शन: संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई कर कार्यालय को सूचति किया जाए।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में प्रकरण में एकपक्षीय निर्णय लेते हुए नियमानुसार विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि बिलासपुर संभाग के आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक तथा संयुक्त संचालक को भी सूचार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।





