छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दिशा-निर्देश जारी जानें कैसे होगी पूरी इलाज प्रक्रिया गलत तरीके से फायदा लिया तो होगी कार्यवाही

नवा रायपुर अटल नगर
प्रवक्ता.कॉम
छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय सेवकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा “छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रितों हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा (संचालन एवं क्रियान्वयन) दिशा-निर्देश, 2026” औपचारिक रूप से जारी कर दिए गए हैं। मंत्रिपरिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में मुख्य बजट 2026-27 के तहत इस महत्वकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।






पुरानी जटिल प्रक्रियाओं से मिलेगी मुक्ति
अब तक कर्मचारियों को इलाज का खर्च खुद वहन करना पड़ता था और इसके बाद लंबी व जटिल चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) प्रक्रिया से गुजरना होता था। इस नई व्यवस्था के लागू होने से कर्मचारियों को तत्काल वित्तीय राहत मिल सकेगी और वे अस्पतालों में बिना किसी नकदी के इलाज का लाभ उठा सकेंगे।
योजना की मुख्य विशेषताएँ और प्रावधान:
पात्रता और लाभार्थी: ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013’ के अंतर्गत आने वाले समस्त शासकीय सेवक तथा उनके परिवार के आश्रित सदस्य इस योजना के पात्र होंगे।
ई-हेल्थ कार्ड (E-Health Card): योजना का लाभ लेने के लिए ई-हेल्थ कार्ड होना अनिवार्य होगा। शासकीय सेवकों की पात्रता का सत्यापन Employee ID के जरिए तथा आश्रितों का सत्यापन संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) द्वारा किया जाएगा।
अत्याधुनिक IT प्लेटफॉर्म: इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से BIS, HEM 2.0 और TMS 2.0 मॉड्यूल्स का उपयोग किया जाएगा।
उपचार की दरें: उपचार के लिए केंद्रीय शासन स्वास्थ्य सेवाएँ (CGHS) नई दिल्ली के बी-1 श्रेणी के शहर हेतु निर्धारित पैकेज अथवा वास्तविक व्यय (जो भी कम हो) की सीमा लागू होगी।
आईपीडी (IPD) उपचार: यह सुविधा मुख्य रूप से अंतःरोगी (IPD) उपचार के लिए होगी, जबकि बाह्य रोगी (OPD) का लाभ पूर्व की भांति प्रतिपूर्ति नियम 2013 के तहत मिलता रहेगा।
शिकायत निवारण और दण्डात्मक कार्रवाई: लाभार्थियों एवं अस्पतालों की समस्याओं के समाधान हेतु 24×7 टोल-फ्री कॉल सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल की स्थापना की जाएगी। नियमों का दुरुपयोग या अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 और अन्य प्रावधानों के तहत सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस नई कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था से राज्य के सरकारी कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है, और स्वास्थ्य विभाग ने इसके सुचारू संचालन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।





