विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में शिक्षा के भविष्य पर मंथन, 29 जुलाई 2026 को NEP 2020 के 6 साल पूरे
29 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के 6 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह नीति अपने 7वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 29 जुलाई 2020 को मंजूरी दी गई थी। [

नई दिल्ली: प्रवक्ता.कॉम 22 जुलाई 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के मार्गदर्शन में हुए इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का मुख्य केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के छह वर्ष पूरे होने पर स्कूली शिक्षा की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना रहा।
सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
29 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के 6 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह नीति अपने 7वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 29 जुलाई 2020 को मंजूरी दी गई थी। [
मुख्य बिंदु और समीक्षा
कार्यान्वयन के वर्ष: 29 जुलाई को नीति लागू हुए छह साल पूरे हो जाएंगे, जैसा कि Ministry of Education के बयानों में रेखांकित किया गया है।
प्रमुख योजनाएं: समग्र शिक्षा, एननिपुण भारत, पीएम पोषण और अटल टिंकरी लैब जैसी पहलों की प्रगति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रमुख योजनाओं की समीक्षा: बैठक के दौरान समग्र शिक्षा अभियान, PM SHRI योजना, PM POSHAN और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता को बढ़ावा देने वाली NIPUN भारत जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया।
राज्यों के सुझाव और सहभागिता: देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षा मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।
भविष्य की कार्ययोजना: गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों ने मिलकर आगामी रणनीतियों पर गंभीर चर्चा की।
‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने में शिक्षा की भूमिका सबसे अहम है। इस सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि देश के हर बच्चे तक समान, आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा पहुंचाना केंद्र और राज्य सरकारों की साझी प्राथमिकता है।
इस दो दिवसीय मंथन से देश के शैक्षिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने और स्कूली शिक्षा को और अधिक मजबूत तथा परिणाम-उन्मुख बनाने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी हुए शामिल

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के अन्य राज्यों के शिक्षामंत्री सहित छत्तीसगढ़ के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव भी शामिल हुए ।उन्होंने सम्मलेन के अनुभव को साझा किया है।





