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मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य, MP बोर्ड को मिली परीक्षा कराने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को अब भी राज्य सरकार के आदेश की प्रतीक्षा

भोपाल/रायपुर /प्रवक्ता.कॉम/17 सितम्बर 2026

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मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप शासकीय (सरकारी) या अशासकीय (प्राइवेट) स्कूल में पढ़ा रहे हैं और आपने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास नहीं की है, तो यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के पालन में मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2026 को एक अहम अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब राज्य के सभी सेवारत शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों को इसके लिए पर्याप्त मौके देने हेतु 31 अगस्त 2028 तक कुल 6 बार यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। आइए जानते हैं इस पूरे फैसले और नए नियमों की हर एक बारीकी…”

विस्तृत समाचार

मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग (मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल) ने दिनांक 15 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना (क्रमांक 1470/1516604/2026/20-1) जारी की है। यह अधिसूचना माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा पारित फैसलों के पालन में जारी की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के किस आदेश का हो रहा है पालन?

​माननीय उच्चतम न्यायालय ने सिविल अपील (1385/2025, 1386/2025 एवं अन्य समरूप याचिकाएं) में 1 सितंबर 2025 को एक ऐतिहासिक निर्णय दिया था। इसके बाद प्रस्तुत की गई पुनरीक्षण याचिका पर भी कोर्ट ने 29 मई 2026 को अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि स्कूलों में पूर्व से कार्यरत प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों (चाहे वे सरकारी हों या निजी) के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा।

MP Board (माध्यमिक शिक्षा मंडल) को मिली जिम्मेदारी

​अब तक TET परीक्षा का आयोजन नई भर्तियों और कर्मचारी चयन मंडल आदि के माध्यम से होता था, लेकिन इस नए आदेश के अनुसार:

सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली ऑफलाइन शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने की पूरी जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल, म.प्र., भोपाल (MP Board) को सौंपी गई है।

शासन ने मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 की कंडिका 11(02) का हवाला देते हुए MP Board को ‘विहित अभिकरण’ (Designated Agency) घोषित किया है।

31 अगस्त 2028 तक मिलेंगे 6 मौके

​शिक्षकों की सहूलियत और उन्हें पात्रता हासिल करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए सरकार ने विशेष योजना बनाई है:

31 अगस्त 2028 तक मिलेंगे 6 मौके

​शिक्षकों की सहूलियत और उन्हें पात्रता हासिल करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए सरकार ने विशेष योजना बनाई है:

राज्य में प्रतिवर्ष 2 बार TET परीक्षा का आयोजन किया जाएगा

31 अगस्त 2028 तक कुल 6 बार परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि सेवारत शिक्षक अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा पास कर सकें।

नौकरी पर आ सकता है संकट

​सुप्रीम कोर्ट के रुख और शासन की अधिसूचना से यह साफ है कि जो शिक्षक बिना TET परीक्षा पास किए पद पर बने हुए हैं या प्राइवेट स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें दी गई समय-सीमा के भीतर यह परीक्षा पास करनी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में उनकी सेवाओं और नौकरी की निरंतरता पर खतरा मंडरा सकता है।

छत्तीसगढ़ में क्या है स्थिति

छत्तीसगढ़ में अभी तक राज्य शासन/स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश या गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।

शिक्षकों में असमंजस के मुख्य कारण

छत्तीसगढ़ शासन से स्पष्ट गाइडलाइन की प्रतीक्षा: स्कूल शिक्षा विभाग या CG Vyapam/SCERT द्वारा परीक्षा के मोड, एजेंसी और समय-सारणी को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय या टाइमटेबल सामने नहीं आया है।

समय-सीमा की चिंता:

सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028 तय की है और राज्यों को प्रतिवर्ष 2 बार परीक्षा कराने का सुझाव दिया है। आदेश में देरी होने से शिक्षकों को तैयारी और परीक्षा के पर्याप्त मौके मिलने में कमी का डर है।

शिक्षकों की पात्रता और छूट पर भ्रम:

जो शिक्षक कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं या पदोन्नति की कतार में हैं, वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि CG STET के नियम उन पर किस प्रकार लागू होंगे।

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