छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी : डीपीआई ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे तबादला प्रस्ताव
मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त होने से बिगड़ी स्थिति: वर्तमान में इछत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी: डीपीआई ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे तबादला प्रस्तावन गैर शैक्षणिक कर्मचारियों (लिपिक एवं भृत्य) को उनकी मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त किए जाने के कारण कार्यालयों का नियमित और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगा है।

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 5 जुलाई 2026
नया रायपुर: छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में लिपिकीय और अन्य गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और अन्य कार्यालयों में लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों की कमी के चलते विभागीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कार्यालयों में कर्मचारियों का संकट:
जिला शिक्षा कार्यालयों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए पूर्व में स्कूलों में पदस्थ गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को कार्यालयीन व्यवस्था के तहत संल्ग्नीकरण (अटैचमेंट) किया गया था。
मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त होने से बिगड़ी स्थिति: वर्तमान में इछत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी: डीपीआई ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे तबादला प्रस्तावन गैर शैक्षणिक कर्मचारियों (लिपिक एवं भृत्य) को उनकी मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त किए जाने के कारण कार्यालयों का नियमित और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगा है।
पेंडिंग हो रहे विभागीय कार्य:
कार्यालयों में लिपिकों और कर्मचारियों की कमी के कारण शिक्षकों के इंक्रीमेंट, सेवा पुस्तिका के संधारण से लेकर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय कार्य लंबित (पेंडिंग) पड़े हुए हैं।
संचालनालेय ने मांगे प्रस्ताव: लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब स्कूल शिक्षा विभाग के इन कार्यालयों में आवश्यकतानुसार गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों (लिपिक एवं भृत्य) के स्थानांतरण प्रस्ताव कार्यालय के स्वीकृत सेटअप के विरुद्ध तैयार कर तत्काल संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।





