टोरंटो में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा- सेवा भाव ही भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र
भारत ने बिना भेदभाव के हमेशा दूसरों की मदद की: मोहन भागवत

31 अगस्त 2026
टोरंटो/वाशिंगटन:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत ने हमेशा बिना किसी भेदभाव के पूरी दुनिया की मदद की है। टोरंटो में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि देश को एक बार फिर ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन करने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें।
आरएसएस प्रमुख ‘कैनेडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलॉग’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति और उत्थान का आकलन उसकी सैन्य या आर्थिक शक्ति से नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण में दिए गए योगदान से होना चाहिए।
वसुधैव कुटुंबकम और सेवा भाव पर बल
संघ प्रमुख ने जोर देकर कहा कि भारत की सभ्यतागत परंपराएं ही उसकी असली ताकत हैं, जिनके कारण वह इतिहास में ‘विश्व गुरु’ कहलाया। उन्होंने कहा, “भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के सिद्धांत पर चलता है।” उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र के रूप में ‘सेवा भाव’ को रेखांकित किया और कहा कि दुनिया की सेवा करना ही भारत की पहचान रही है।





