आम बजट 2026 संसद में पेश शेयर बाजार ,सोना और चांदी में भारी गिरावट सरकार ने बजट को सराहा तो विपक्ष ने बताया खाली डिब्बा

प्रवक्ता.कॉम 1 फरवरी 2026
दिल्ली
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अवकाश के दिन संसद में आम बजट 2026 को पेश कर दिया है। भारतीय आम बजट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब रविवार को बजट पेश किया गत है।
बजट 2026 की मुख्य विशेषताएं और घोषणाएं निम्नलिखित हैं:
आम बजट लाइव लिंक
1. आयकर (Income Tax) में बदलाव
- नया आयकर अधिनियम: 1 अप्रैल से देश में नया आयकर अधिनियम (New Income Tax Act) लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- कर छूट (Tax Rebate): वार्षिक आय ₹12.75 लाख तक होने पर पूर्ण कर छूट (Rebate) का प्रस्ताव है।
- संशोधित रिटर्न: अब टैक्स रिटर्न (Revised Return) फाइल करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
- स्टॉक बाय-बैक: शेयरों के बाय-बैक को अब ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा, जिस पर 22% से 30% तक प्रभावी टैक्स लगेगा।
2. राजकोषीय घाटा और व्यय (Fiscal Deficit & Capex)
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे 4.3% रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 4.4% है।
- पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए इसे 9% बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है।
- कुल व्यय: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल व्यय का अनुमान ₹53.5 लाख करोड़ है।
3. प्रमुख क्षेत्रों के लिए घोषणाएं
- MSME और उद्योग: दो विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प और ‘चैंपियन MSME’ बनाने पर जोर दिया जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवा: बायोफार्मा (Biopharma) क्षेत्र में अगले 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
- कृषि और मत्स्य पालन: भारतीय जल क्षेत्र के बाहर मछली पकड़ने वाली नौकाओं द्वारा पकड़ी गई मछली को शुल्क मुक्त किया जाएगा।
- बुनियादी ढांचा: उत्तर-पूर्वी राज्यों में ‘बौद्ध सर्किट’ (Buddhist Circuits) के विकास और पूर्वी तट विकास कॉरिडोर (East Coast Development Corridor) की घोषणा की गई है।
- तकनीक और AI: सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग के लिए AI तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
4. राज्यों के लिए सहायता
- वित्त आयोग के अनुदान के रूप में राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ प्रदान किए गए हैं।
- ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में अनुसंधान और खनन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ (Rare Earth Corridors) बनाए जाएंगे।
मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर के प्रतिबद्धत
- उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए निमहंस-टू की स्थापना की जाएगी।
- रांची और तेजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नयन किया जाएगा।
पूर्वोदय राज्यों और उत्तर–पूर्व क्षेत्र पर ध्यान
- दुर्गापुर में बेहतर संपर्क नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास, 5 पूर्वोत्तर राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों के निर्माण और 4000 ई-बसों के प्रावधान का प्रस्ताव।
- अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए नई योजना।
16वां वित्त आयोग
- सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार वित्त आयोग अनुदान के रूप में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराए।
- नया आय कर अधिनियम, 2025, दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो जाएगा।
- सरलीकृत आय कर नियमावली और प्रपत्रों को शीघ्र ही अधिसूचित कर दिया जाएगा। नए फॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि, आम नागरिक आसानी से उसका अनुपालन कर सके।
जीवन जीने की सुगमता
- किसी साधारण व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णीत ब्याज को आय कर से छूट दी जाएगी और इस मद में स्रोत पर काटा गया कर देय नहीं होगा।
टी.सी.एस. को तार्किक बनाना
- विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टी.सी.एस. दर को बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
- मानव श्रम आपूर्ति के लिए सरलीकृत टी.डी.एस. प्रावधानों से श्रम गहन कारोबारियों को लाभ होगा।
- छोटे करदाताओं के लिए नई योजना का प्रस्ताव, जिसमें नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया से, कर-निर्धारण अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करने के स्थान पर कम अथवा शून्य कटौती प्रमाण-पत्र करना संभव हो सकेगा।
- करदाताओं की सुविधा के लिए डिविडेंट, निवेश से प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्वीकार करने के लिए सिंगल विंडो।
- संशोधित रिटर्न के लिए समयसीमा मामूली शुल्क के भुगतान के साथ 31 दिसम्बर से बढ़ाकर 31 मार्च की गई।
- कर रिटर्न फाइल करने के लिए अलग-अलग समय सीमा का प्रस्ताव।
- किसी अनिवासी द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर टी.डी.एस. की कटौती की जाने और टैन की आवश्यकता के बजाए निवासी क्रेता के पैन आधारित चालान के माध्यम से जमा कराए जा सकते हैं।
- छोटे करदाताओं को अपनी विदेशी आय या संपत्ति की घोषणा के लिए एकमुश्त छह महीने की छूट की योजना।
- जुर्माने और मुकद्दमेबाजी को तार्किक रूप देना।
- आई.टी. आकलन और जुर्माने की कार्यवाही को सामान्य रूप से एकीकृत करने का प्रस्ताव है।
- करदाताओं को अपनी पुन: आकलन कार्यवाही के बाद रिटर्न अपडेट कराने की अनुमति होगी।
- आय का गलत विवरण देने पर अतिरिक्त आय कर के भुगतान के साथ छूट दी जा सकेगी।
- आय कर अधिनियम के तहत मुकद्दमेबाजी की रूपरेखा को तार्किक बनाया गया है।
- सहकारिता
- दूध, तिलहन, फल या सब्जियों की आपूर्ति में लगी प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को पहले से उपलब्ध कटौती का विस्तार अब पशुचारे और बिनौले की आपूर्ति करने वालों तक भी किया गया है।
- किसी अधिसूचित राष्ट्रीय सहकारी संघ द्वारा दिनांक 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में दिए गए उनके निवेश पर प्राप्त लाभांश आय पर तीन वर्ष की अवधि के लिए छूट देने का प्रस्ताव।
- सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, आई.टी. समर्पित सेवाओं, ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित सेवाएं 15.5 प्रतिशत के एक समान सेफ हार्बर मार्जिन के तहत आएंगी।
- आई.टी. सेवाओं के लिए सेफ हार्बर प्राप्त करने की सीमा को तीन सौ करोड़ रुपये बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये किया जा रहा है।
- ए.पी.ए. में शामिल होने वाली कम्पनी को उपलब्ध संशोधित विवरणी की सुविधा उसकी संबद्ध संस्थाओं को भी प्रदान की जाएगी।
- वैश्विक व्यापार और निवेश आकर्षित करना
- किसी ऐसी विदेशी कंपनी के लिए 2047 तक कर मे रियायत दी जाएगी, जो भारत से डाटा केन्द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक तौर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है।
- यदि, डाटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी संबंधित कंपनी है तो उसे लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर भी प्रदान किया जाएगा।
कर प्रशासन
- भारतीय लेखांकन मानक में ही आय परिकलन और प्रकटन मानकों के लिए अपेक्षाएं शामिल करने के हेतू कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। वर्ष 2027-28 से आय परिकलन और प्रकटन मानकों पर आधारित प्रथक लेखांकन अपेक्षाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।
- बायबैक के कराधान में परिवर्तन को इसलिए लाया गया कि प्रवर्तकों द्वारा बायबैक रूट का अनुचित उपयोग रोका जा सके। कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट के लिए 30 प्रतिशत होगा।
- एल्कोहल युक्त लिकर, स्क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत किया जाएगा और तेंदु पत्ते पर 5 प्रतिशत की दर को घटाकर दो प्रतिशत किया जाएगा।
- वायदा सौदों पर ऑप्शन प्रीमियम और ऑप्शन कार्यकलाप दोनों पर एसटीटी की मौजूदा 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर लगेगा।
- मैट को अंतिम कर बनाए जाने का प्रस्ताव है, इसलिए 01 अप्रैल, 2026 से कोई और क्रेडिट संचय नहीं होगा। इस परिवर्तन के अनुरूप 15 प्रतिशत की मौजूदा मैट दर को कम करके 14 प्रतिशत किया जा रहा है।
- निर्यात हेतु सी-फूड उत्पादों के प्रसंस्करण हेतु इस्तेमाल किए गए विशेष घटकों के कर मुक्त निर्यात की सीमा को एफओबी वैल्यू के मौजूदा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया जाएगा।
- चमड़ा अथवा सिंथेटिक फूटवियर के निर्यात के लिए उपलब्ध कर मुक्त निर्यात, उसके विशेष उत्पादों के लिए भी अनुमत होगा।
ऊर्जा संक्रमण एवं सुरक्षा :
- बैटरियों के लिए लीथियम-आयन सेलों के निर्माण हेतु इस्तेमाल में आने वाली पूंजीगत सामग्रियों के लिए मूलभूत सीमाशुल्क की छूट का विस्तार।
- सोलर ग्लास के निर्माण में इस्तेमाल हेतु सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूलभूत सीमाशूल्क से छूट मिलेगी।
न्यूक्लियर पावर:
- न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं के लिए आवश्यक सामग्रियों के आयात पर मौजूदा मूल-भूत सीमा शुल्क का वर्ष 2035 तक विस्तार किया जाएगा।
महत्वपूर्ण खनिज:
- महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत सामग्रियों के आयात के लिए मूल-भूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी:
- बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के भुगतान की गणना के समय बायोगैस के पूरे मूल्य पर छूट दी जाएगी।
असैनिक एवं रक्षा विमानन:
- असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।
- रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।
इलैक्ट्रॉनिक्स:
- माइक्रोवेब ओवन के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।
विशेष आर्थिक क्षेत्र:
- विशेष आर्थिक क्षेत्रों से लेकर घरेलू टैरिफ क्षेत्र में पात्र विनिर्माण संयंत्रों द्वारा विक्रय की सुविधा हेतु एक विशेष एकबारगी उपाए का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए रियायती दरों का प्रस्ताव किया गया है। ऐसे विक्रय की मात्रा उनके निर्यात के निर्धारित अनुपात तक सीमित होगी।
जीवन की सुगमता:
- व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात की जाने वाली सभी कर योग्य सामग्रियों पर टैरिफ दर को 20 प्रतिशत के घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
- 17 दवाओं/औषधियों पर मूलभूत सीमाशूल्क में छूट दी जाएगी।
- 7 अतिरिक्त असाध्य रोगों के लिए दवाओं/औषधियों के व्यक्तिगत निर्यात को कर मुक्त किया जाएगा।
सीमा–शुल्क सरलीकरण प्रक्रिया
वस्तुओं के सुगम और त्वरित संचालन में कम से कम हस्तक्षेप
विश्वास आधारित प्रणालियां
- एईओ के रूप में परिचित टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया गया है। पात्र विनिर्माणकर्ता और आयातकों के लिए भी समान शुल्क स्थगन सुविधा का प्रस्ताव।
- सीमा शुल्कों पर बाध्यकारी अग्रिम





