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सीएम के संज्ञान में आने के बाद सरकारी कर्मचारियों से संबंधित अपने ही विवादित आदेश पर जीएडी ने लगाई रोक

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रायपुर प्रवक्ता.कॉम 23 अप्रैल 2026

सामान्य प्रशासन विभाग ने दिनांक 21 अप्रैल 2026 को जारी अपने उस आदेश पर रोक लगा दिया है जिसमें जीएडी ने सरकारी कर्मचारियों के आचरण पर नियमन के लिए कहा था।

स्थगित आदेश में क्या है

इस आदेश के तहत सरकार ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को बिना अनुमति राजनीतिक या अन्य पद ग्रहण करने से रोकने संबंधी अपने हालिया आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में विभाग प्रमुखों को सूचना जारी कर दी गई। बताया जा रहा है कि आदेश को लेकर उठे विवाद के बाद यह निर्णय लिया गया है।

क्या था 21 अप्रैल 2026 के आदेश में ?

सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 अप्रैल को जारी अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि कोई भी शासकीय सेवक बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी राजनीतिक पद या अन्य संस्था में पद धारण नहीं कर सकेगा। आदेश में यह भी कहा गया था कि शासकीय सेवक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे।

विभाग ने निर्देश दिया था कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं बन सकता और न ही किसी प्रकार से राजनीति में संलिप्त रह सकता है। साथ ही बिना पूर्व अनुमति के किसी शासकीय या अशासकीय समिति, संगठन या निकाय में पद ग्रहण कर नहीं कर सकेगा।

विभाग ने निर्देश दिया था कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं बन सकता और न ही किसी प्रकार से राजनीति में संलिप्त रह सकता है। साथ ही बिना पूर्व अनुमति के किसी शासकीय या अशासकीय संस्था, समिति, संगठन या निकाय में पद ग्रहण करने पर भी रोक लगाई गई थी। आदेश में यह भी उल्लेख था कि अधिकारी-कर्मचारी ऐसा कोई दायित्व स्वीकार नहीं करेंगे जिससे उनके शासकीय कार्यों की निष्पक्षता प्रभावित हो।

निर्देशों के उल्लंघन पर सिविल सेवा आचरण नियम के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। यह आदेश जीएडी की उप सचिव अंशिका ऋषि पांडेय द्वारा जारी किया गया था, जिसे सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजा गया था।

विभिन्न संगठनों से जुड़े हैं सरकारी कर्मचारी छत्तीसगढ़ ही नहीं अलग अलग राज्यों में भी सरकारी कर्मचारी कई सामाजिक एव धार्मिक संगठनों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हुए होते हैं ।

इसलिए इस आदेश का वापस होना लाजिमी ही था , आदेश की वापसी से कर्मचारी संगठन खुश हैं और जी एडी को लेकर चर्चा हो रही है कि आखिरकार ऐसा आदेश जारी ही क्यों किया गया।

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