छत्तीसगढ़: निजी स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, निगरानी के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति; दिशा-निर्देश जारी

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 20 मई 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों (Private Schools) की मनमानी, मनमाने ढंग से फीस बढ़ोतरी और पाठ्यपुस्तकों-यूनिफॉर्म के नाम पर होने वाली कथित लूट को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी समिति (Monitoring Committee) के गठन का ऐलान करते हुए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह कदम अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों और निजी स्कूलों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य
निजी स्कूलों के संचालन को रेगुलेट करना और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना इस समिति का प्राथमिक लक्ष्य है। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी:
फीस वृद्धि पर नियंत्रण: स्कूल प्रबंधन बिना किसी ठोस आधार और बिना समिति की मंजूरी के हर साल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।
किताबों और यूनिफॉर्म की अनिवार्यता पर रोक: अक्सर शिकायतें आती हैं कि स्कूल किसी खास दुकान से ही महंगी किताबें या ड्रेस खरीदने का दबाव बनाते हैं। समिति इस पर पूरी तरह रोक लगाएगी।
आरटीई (RTE) के नियमों का पालन: शिक्षा का अधिकार (Right to Education) के तहत गरीब बच्चों के प्रवेश और उनके कोटे की सीटों में पारदर्शिता की जांच की जाएगी।
बुनियादी सुविधाएं: निजी स्कूलों में सुरक्षा, पेयजल, और साफ-सफाई जैसे मापदंडों की समय-समय पर चेकिंग होगी।
त्रि-स्तरीय होगी निगरानी व्यवस्था
जारी निर्देशों के अनुसार, यह निगरानी व्यवस्था किसी एक स्तर पर न होकर त्रि-स्तरीय (Three-Tier System) होगी, ताकि जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्कूलों की जवाबदेही तय की जा सकेस्तर (Level) अध्यक्षता (Headed By) मुख्य कार्य (Primary Function)
राज्य स्तर (State Level) वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी / सचिव नीति निर्धारण, अपीलों की सुनवाई और जिला समितियों के कामकाज की समीक्षा।
जिला स्तर (District Level) जिला कलेक्टर / जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) स्कूलों का औचक निरीक्षण, शिकायतों की सीधी जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की सिफारिश।
ब्लॉक स्तर (Block Level) विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) जमीनी स्तर पर दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराना और प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करना।
सख्त कार्रवाई के निर्देश:रद्द हो सकती है मान्यता
सरकार ने साफ कर दिया है कि नए नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। यदि कोई स्कूल समिति के निर्देशों की अवहेलना करता है या फीस नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उस पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता (Affiliation) रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अभिभावकों के लिए राहत: सरकार जल्द ही एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू करने जा रही है, जहां पालक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। जिला स्तरीय समिति को इन शिकायतों का निपटारा एक निश्चित समय-सीमा के भीतर करना होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस कड़े रुख से जहां एक ओर निजी स्कूल प्रबंधनों में हड़कंप है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से महंगी शिक्षा और स्कूलों की मनमानी से परेशान छत्तीसगढ़ के लाखों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।





