4 साल से शिक्षक कर रहे हैं स्थानांतरण पर बैन हटने का इंतजार कम से कम पारदर्शी पॉलिसी तो दीजिये सरकार , वाणिज्य व्याख्याता संघ ने सीएम से की मांग
छत्तीसगढ़ में ओपन ट्रांसफर किये लंबे वक्त हाे गया है, कांग्रेस सरकार ने 2022 में ओपन ट्रांसफर किया था, आज लगभग 04 साल हाे गये लेकीन ओपन ट्रांसफर नही हुई है, जिससे दुरस्थ जगहों एवं परिवार से लंबे वर्षों से दुर रह रहे शिक्षकाे काे बहुत परेशानियों का सामना करना पड रहा है, उनका आज तक ट्रांसफर नही हाे पाया है, वे आज भी ओपन ट्रांसफर की राह देख रहे है, लेकिन जिनकी पहूँच है, रसुखदार है, उनका हर साल कही ना कही से ट्रांसफर हाे ही जाता है, ये समय समय पर निकले आदेशों से पता चल जा रहा है, पारदर्शी स्थानांतरण नहीं हो रहा है
रायपुर प्रवक्ता. कॉम 26 मई 2026
छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ की तरफ से खुली एवं पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी जारी करने की मांग सरकार से की गई है
आज साय केबिनेट की बैठक को देखते हुए व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ पंजीयन क्रमांक 122202435951 के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ओपन ट्रांसफर किये लंबे वक्त हाे गया है, कांग्रेस सरकार ने 2022 में ओपन ट्रांसफर किया था, आज लगभग 04 साल हाे गये लेकीन ओपन ट्रांसफर नही हुई है, जिससे दुरस्थ जगहों एवं परिवार से लंबे वर्षों से दुर रह रहे शिक्षकाे काे बहुत परेशानियों का सामना करना पड रहा है, उनका आज तक ट्रांसफर नही हाे पाया है, वे आज भी ओपन ट्रांसफर की राह देख रहे है, लेकिन जिनकी पहूँच है, रसुखदार है, उनका हर साल कही ना कही से ट्रांसफर हाे ही जाता है, ये समय समय पर निकले आदेशों से पता चल जा रहा है, लेकीन जाे वर्षों से एक ही जगहाे पर बिना किसी पहूँच के कर्तव्य पूर्वक अपना काम कर रहे है, वे पद खाली हाेते हुए भी ट्रांसफर नही करा पा रहे है, यह गंभीर विषय है, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी से निवेदन करते है कि आज कि केबिनेट बैठक में ओपन ट्रांसफर का फैसला ले जिससे लंबे वर्षों से दुरस्थ जगहों पर पदस्थ शिक्षकाे काे उनके घर के आसपास ट्रांसफर हाे सके।
2022 में कांग्रेस की सरकार ने शिक्षकों के लिये जारी की थी पॉलिसी
छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और विशेष रूप से शिक्षकों के लिए पूरी तरह से खुली स्थानांतरण प्रक्रिया अंतिम बार वर्ष 2022 में लागू की गई थी। उस समय सरकार ने कुछ निश्चित समय (लगभग अगस्त से अक्टूबर) के लिए ट्रांसफर से प्रतिबंध हटाया था, जिससे हजारों शिक्षकों के तबादले हुए थे।
इसके बाद की स्थिति और वर्तमान नीति को आप इस प्रकार समझ सकते हैं:
नई स्थानांतरण नीति (2025): जून 2025 में छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने एक नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी। इस नीति के तहत एक निश्चित समयावधि (जैसे 14 जून से 25 जून) तय की गई, जिसमें शिक्षकों के आवेदन ही नहीं लिए गए थे । उन्हें इस नीति का कोई लाभ नहीं मिला।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वाडदे, प्रदेश सहउपाध्यक्ष गीता नायर, प्रदेश संचालक खाेमन लाल साहू, प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे, प्रदेश संरक्षक जगदीश दिल्लीवार, अनिता घाेरपडे जिला अध्यक्ष धमतरी, मधुसूदन सिंह जिला अध्यक्ष बीजापुर, लक्ष्मीनारायण साहू जिला अध्यक्ष बेमेतरा, शिवशंकर सिंह कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बस्तर, भारती साहू कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राजनांदगांव, रश्मि पटेल कार्यवाहक जिला अध्यक्ष रायपुर, चंद्रकला साहू ( सरगुजा), जीसी देवांगन( जांजगीर चापा), याेगेश्वर दिवान कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गरियाबंद, रवि गुप्ता( कवर्धा),संजय देवांगन ( अंबागढ चाैकी), सुधीर दूबे( जशपुर), नवीन साहू ( धमतरी), मिताली ( डाेंगरगांव), एल एन साहू ( बेमेतरा), माेना प्रधान( दुर्ग), रामनारायण शर्मा( कांकेर), अजय चंद्राकर( महासमुंद), वृत्युंजय भारती (धमतरी), श्यामद्ववेदी( महासमुंद), सीबा(बालाेद), दीपक ( रायगढ़), याेगेश्वर दिवान ( गरियाबंद), विनय साहू ( कांकेर), उमाशंकर साहू ( दंतेवाड़ा), वासु देवांगन ( मानपुर- माेहला) रश्मि पटेल कार्यवाहक जिला अध्यक्ष रायपुर, चंद्रकला साहू ( सरगुजा), जीसी देवांगन( जांजगीर चापा), याेगेश्वर दिवान कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गरियाबंद, रवि गुप्ता( कवर्धा), अनिल जैन( जगदलपुर), चेतना गुप्ता (रायपुर, प्रतिभा लिमशाकरे( रायपुर)),संजय देवांगन ( अंबागढ चाैकी), सुधीर दूबे( जशपुर), नवीन साहू ( धमतरी), मिताली ( डाेंगरगांव), एल एन साहू ( बेमेतरा), माेना प्रधान( दुर्ग), रामनारायण शर्मा( कांकेर), अजय चंद्राकर( महासमुंद), वृत्युंजय भारती (धमतरी), श्यामद्ववेदी( महासमुंद), सीबा(बालाेद), दीपक ( रायगढ़), याेगेश्वर दिवान ( गरियाबंद), विनय साहू ( दंतेवाड़ा), उमाशंकर साहू ( दंतेवाड़ा), वासु देवांगन ( मानपुर- माेहला) एवं अन्य सभी वाणिज्य संकाय के व्याख्याता साथी उपस्थित रहे।*
वर्ष 2022 के बाद प्रतिबंध: 2022 के बाद से प्रदेश में सामान्य तबादलों पर स्वैच्छिक या खुली नीति के तहत पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस अवधि के दौरान केवल प्रशासनिक आधार पर, गंभीर बीमारी, या विशेष परिस्थितियों में ही समन्वय (कॉओर्डिनेशन) के माध्यम से सीमित ट्रांसफर किए जा रहे थे।






