छत्तीसगढ़: जनगणना कर्मचारियों के मानदेय का आबंटन जारी, ‘प्रवक्ता.कॉम’ ने मानदेय आबंटन में देरी का उठाया था मुद्दा
मकान सूचीकरण और गणना कार्य में लगे मैदानी अमले को बड़ी राहत, जिला-वार मानदेय आबंटन को मंजूरी, ₹58.60 करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत, गृह विभाग का आदेश जारी
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 7 जुलाई 2026
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के मानदेय को लेकर आ रही दिक्कतों और देरी पर ‘प्रवक्ता.कॉम’ द्वारा प्रमुखता से सवाल उठाए जाने के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य) में संलग्न सभी फील्ड कर्मचारियों (Field Functionaries) के लिए जिलेवार मानदेय राशि का आबंटन जारी कर दिया है।

₹58.60 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत
गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (क्रमांक GENS-2101/330/2026-HOME SECTION) के अनुसार, राज्य के सभी 33 जिलों के लिए कुल ₹58,60,51,600/- (अठावन करोड़ साठ लाख इंक्यावन हजार छह सौ रुपये मात्र) की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि को गृह विभाग के निर्धारित खाता क्रमांक से जिलों के खातों में हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है।
प्रमुख जिलों को मिला इतना आबंटन (रुपये में):

शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार सभी 33 जिलों को राशि आवंटित की गई है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- रायपुर: ₹4,77,94,200
- बिलासपुर: ₹3,86,03,400
- दुर्ग: ₹3,65,95,000
- कोरबा: ₹2,67,68,600
- रायगढ़: ₹2,54,35,600
- जशपुर: ₹1,97,12,800
- सरगुजा: ₹1,95,81,200
(इसके अलावा अन्य सभी छोटे-बड़े जिलों जैसे मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सुकमा, नारायणपुर आदि को भी उनकी आवश्यकता अनुसार बजट आबंटित किया गया है।)
उप सचिव ने जारी किए निर्देश
इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग की उप सचिव अंकिता गर्ग के डिजिटल हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया गया है। गृह विभाग ने मुख्य लेखाधिकारी (सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय) को राशि हस्तांतरण के उपरांत लेनदेन एवं शेष राशि का विवरण उपलब्ध कराने का कष्ट करने को कहा है।
साथ ही इस आदेश की प्रतिलिपि महालेखाकार (छत्तीसगढ़), सचिव (वित्त विभाग), निदेशक (जनगणना कार्य निदेशालय) और सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रेषित कर दी गई है।
‘प्रवक्ता.कॉम’ का असर: जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जुटे मैदानी कर्मचारियों के हक की आवाज उठाने के बाद शासन द्वारा त्वरित गति से फंड जारी होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अब प्रथम चरण के मकान सूचीकरण और गणना कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।






