
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 24 जुलाई 2026
रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। 320.15 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैली यह सफारी प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का एक अनूठा संगम है, जहां पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलता है।

मिनी जू से आधुनिक जंगल सफारी तक का सफर

नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी, जिसे वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद, नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी की परिकल्पना की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया था।
पांच प्रमुख आकर्षण जोन
पर्यटकों की सुविधा और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस परिसर को अलग-अलग जोन में बांटा गया है:
शाकाहारी सफारी (30.89 हेक्टेयर): चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण का प्राकृतिक रहवास।
बाघ सफारी (20.04 हेक्टेयर): राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव।
सिंह सफारी (20.01 हेक्टेयर): एशियाई शेरों का संरक्षण क्षेत्र।
भालू सफारी (20.03 हेक्टेयर): भालुओं के लिए विशेष प्राकृतिक वातावरण।
जू जोन (50 हेक्टेयर): विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव।
यहाँ सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे दुर्लभ वन्यजीव भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
वनमंडलाधिकारी श्री थेजस शेखर के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप यह सफारी पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है। यहाँ लगातार पर्यटकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है:
कैसे पहुँचें?
नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 15 किमी और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किमी की दूरी पर है। यह सफारी प्रत्येक सोमवार को पर्यटकों के लिए बंद रहती है।





