छत्तीसगढ़: शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण का बदलेगा स्वरूप, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर बड़ा अपडेट

रायपुर प्रवक्ता. कॉम 6 अगस्त 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्कूलों से दफ्तरों में अटैच गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर नई व्यवस्था का खाका तैयार करने को कहा है। अब संलग्नीकरण के बजाय प्रतिनियुक्ति का आधिकारिक रास्ता अपनाया जाएगा।
प्रशासनिक व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में लंबे समय से चली आ रही संलग्नीकरण (अटैचमेंट) की व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर ली है। शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद अब स्कूलों से दफ्तरों में तैनात लिपिक और भृत्य जैसे गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का काम केवल अनौपचारिक अटैचमेंट के भरोसे नहीं, बल्कि ‘प्रतिनियुक्ति’ के आधिकारिक ढांचे से चलेगा।
आदेश की मुख्य बातें:
प्रस्ताव की प्रक्रिया:
संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देशित किया गया है कि यदि कार्यालयों में कर्मचारियों की आवश्यकता है, तो वे विधिवत प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव तैयार करें।
नियमों का पालन:
प्रतिनियुक्ति केवल स्वीकृत सेटअप के रिक्त पदों के विरुद्ध ही मान्य होगी।
प्रशासनिक रूट:
सभी प्रस्तावों को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग को विचार हेतु भेजा जाना अनिवार्य है।
संस्था का ध्यान:
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उक्त कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि मूल शैक्षणिक संस्थाएं कर्मचारी विहीन न हो जाएं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शिक्षा विभाग को विभिन्न जिलों के कलेक्टर्स से लगातार रिपोर्ट मिल रही थी कि कार्यालयों में कर्मचारियों की भारी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए पूर्व में स्कूलों में पदस्थ कर्मचारियों को दफ्तरों में संलग्नीकरण के तहत तैनात किया गया था। हालांकि, बाद में जब इन कर्मचारियों को मूल संस्थाओं में वापस भेजा गया, तो कार्यालयीन कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया। इसी प्रशासनिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने अब प्रतिनियुक्ति का बीच का रास्ता निकाला है, ताकि काम और व्यवस्था दोनों का संतुलन बना रहे





