टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलाने का सांसद संतोष पांडेय ने दिया शिक्षक महासंघ को आश्वासन
अनुभव को मिले प्राथमिकता, टीईटी की अनिवार्यता हो खत्म' — सांसद संतोष पांडे को शिक्षकों ने सौंपी याचिका 6. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर संसद में अध्यादेश लाने की मांग, सांसद संतोष पांडे ने दिया आश्वासन
प्रवक्ता. कॉम/राजनांदगांव
सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर प्रदेश शिक्षक फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और टीईटी की अनिवार्यता से उत्पन्न समस्याओं को लेकर सांसद को विस्तृत दस्तावेज और साक्ष्य सौंपे।

मुलाकात के दौरान प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के राजेश चटर्जी, सतीश ब्यौहरे और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संरक्षक मनीष मिश्रा ने सांसद के समक्ष देशभर के लगभग 30 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों की मानसिक पीड़ा को रेखांकित किया। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों की योग्यता को केवल एक टीईटी परीक्षा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए, बल्कि उनके दीर्घकालिक अध्यापन अनुभव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने सांसद संतोष पांडे से इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संसद में अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन कर सकती है, जिससे लाखों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। प्रतिनिधियों ने चिंता जताई कि नौकरी खोने के डर और भयमुक्त वातावरण के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना कठिन होगा।
सांसद संतोष पांडे ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलाने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर राजेश चटर्जी, मनीष मिश्रा, सतीश ब्यौहरे, पी. आर. झाड़े, रमेश कुमार साहू, वीरेंद्र कुमार रंगारी, ओमप्रकाश साहू, ललित प्रताप सिंह, बंदीशनेम पांडे, अमीन कुरैशी, सोनेश्री पाटिल, चंचल कुमार द्विवेदी, लक्ष्मीकांत तिवारी, हरिशंकर देवांगन सहित दुर्ग और राजनांदगांव जिले के अनेक शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।






