सीएम और वित्त मंत्री लेंगे निर्णय, छत्तीसगढ़ के पौने पांच लाख कर्मचारियों के मन में आक्रोश
दीपावली से पहले 2% डीए और एरियर की मांग पर अड़े कर्मचारी, सरकार को अल्टीमेटम
रायपुर प्रवक्ता.कॉम
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में इन दिनों भारी आक्रोश और मायूसी का माहौल देखा जा रहा है। आगामी दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले लंबित महंगाई भत्ते (DA) पर कोई निर्णय न होने के कारण राज्य के करीब पौने पांच लाख कर्मचारियों की निगाहें अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस संबंध में सरकार को वायदों की याद दिलाते हुए सीएम और वित्त मंत्री को औपचारिक पत्र भेजा है और मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
घोषणा पत्र के वादों की याद
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार बनने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) में यह वादा किया था कि प्रदेश के शासकीय सेवकों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान डीए और उसका एरियर दिया जाएगा। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को 2 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य में अभी 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जबकि केंद्र की दरें इससे अधिक हैं।
चौतरफा महंगाई और आर्थिक तंगी
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के चलते कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के इस मौसम में यदि दो प्रतिशत लंबित डीए का भुगतान एरियर सहित नहीं किया जाता है, तो कर्मचारियों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।






