टीईटी की अनिवार्यता रद्द करने एवं पेंशन निर्धारण में पुरानी सेवा की गणना की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ टीएफआई द्वारा सभी 33 जिला मुख्यालयो में एक साथ 29 अप्रैल को ज्ञापन दिया जाएगा
रायपुर प्रवक्ता.कॉम
टीईटी की अनिवार्यता को रद्द करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उचित कदम उठाए जाने एवं माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा पारित निर्णय के पालन में शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रथम सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली का आदेश जारी करने हेतु दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयो में आगामी 29 अप्रैल को शाम 4:00 बजे छत्तीसगढ़ टीएफआई के जिला प्रतिनिधि मंडलो द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ टीएफआई कि आज आनलाइन बैठक संपन्न हुई

टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ विभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में पीआईएल दाखिल किया जा चुका है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भी विगत दिनों टीईटी के अनिवार्यता के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में पीआईएल दाखिल किया गया है। परंतु इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यह बात उल्लेखनीय है कि टीईटी के अनिवार्यता के विरोध में पूरे देश भर के शिक्षकों के द्वारा विगत दिनों राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक दिवसीय राष्ट्रीय आंदोलन किया गया था।जिसमें उपस्थित होकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद माननीय जगदंबिका पाल ने किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने की बात कहते हुए इस संदर्भ में देश के माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी से स्वयं बात करने की बात कही थी।
छत्तीसगढ़ टीएफआई द्वारा मांग की गई है कि विगत दिनों माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर से पारित निर्णय के पालन में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी किया जाए। क्योंकि माननीय न्यायालय ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए पुरानी पेंशन बहाल करने का आदेश दिया है। इस संदर्भ में राज्य के कुछ शिक्षकों के द्वारा सिंगल बेंच में केश जितने पर राज्य सरकार ने संबंधित मामले को पुनः डबल बेंच में इसे चुनौती दी थी।
उक्त डबल बेंच में भी याचिका दायर किए गए शिक्षकों को बड़ी जीत हासिल हुई है क्योंकि न्यायालय ने पुरानी सेवा को मान्य करते हुए प्रथम सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाल करने का आदेश पारित किया है।
आज के छत्तीसगढ़ टीएफआई की ऑनलाइन बैठक में उक्त दोनों मुद्दों पर प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालय में एक साथ जिला संयोजकों द्वारा आगामी 29 अप्रैल को शाम 4:00 बजे ज्ञापन सौंपा जाने का निर्णय लिया गया। उक्त ज्ञापन के समय टीएफआई छत्तीसगढ़ के अंतर्गत सभी संगठनों के शिक्षक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। बैठक में टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन एवं मनीष मिश्रा, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक, जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, छत्तीसगढ़ हेडमास्टर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह बिसेन, संकुल समन्वयक संघ के रामचंद्र सोनवंशी, संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गिरिजाशंकर शुक्ला आदि उपस्थित थे।






