गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों पर डीपीआई सख्त, 21 जुलाई तक स्कूल और मूल पदस्थापना में लौटें नहीं तो होंगे ब्रेक इन सर्विस करेंगे अनुशासनिक कार्रवाई
निर्धारित समय-सीमा के बाद कार्यभार करने वाले समस्त कर्मचारियों का निर्धारित समय-सीमा कें पश्चात उनके कार्यभार ग्रहण किये जाने तक की अवधि का सेवा हरण Break in service) किये जाने संबंधी प्रस्ताव संचालनालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चत करे। संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ प्रतिलिपि- 2. आयुक्त समग्र शिक्षा, छ.ग. रायपुर । 1. सचिव.छ.ग.शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 15 जुलाई 2026
नवा रायपुर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ ने राज्य के विभिन्न कार्यालयों में संलग्न (अटैच) गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्था या कार्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लोक सहित संचालक ने कहा इस तरह की होगी कार्यवाही

तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त: डीपीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को उनकी संलग्नक संस्थाओं से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

अनिवार्य उपस्थिति: कर्मचारियों को आदेश प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर अपनी मूल संस्था में उपस्थित होकर ‘आनलाइन एप’ के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है।
वेतन पर रोक और अनुशासनात्मक कार्रवाई: यदि कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के बाद भी अपनी मूल संस्था में उपस्थित नहीं होते हैं और एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं कराते हैं, तो उनके जुलाई 2026 का वेतन रोक दिया जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ब्रेक इन सर्विस (Break in Service): संचालनालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के बाद कार्यभार ग्रहण करेंगे, उनकी उस अवधि को ‘ब्रेक इन सर्विस’ (सेवा हरण) माना जाएगा और इस संबंध में प्रस्ताव संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का मानना है कि संलग्नक समाप्त होने के बाद भी मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत कदाचार है।






