Breaking NewsEducationकबीरधामछत्तीसगढ़डीपीआई

कबीरधाम: डीपीआई के सख्त निर्देशों का असर, बीआरसी, एबीईईओ और एपीसी कार्यालयों में संलग्न 11 शिक्षक मूल स्कूल में वापस भेजे गए

​जबकबीरधाम। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ के कड़े निर्देशों का असर अब कबीरधाम जिले में देखने को मिल रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने अब प्रशासनिक कार्यालयों में संलग्न (अटैच) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। पहले इन शिक्षकों की कार्यमुक्ति के आदेश जारी नहीं किए गए थे, लेकिन अब विभाग के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है।

Join WhatsApp

क्या है मामला?

लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने 12 जून 2026 को निर्देश जारी किए थे कि समस्त शालाओं के कर्मचारियों द्वारा 16 जून 2026 से अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से ‘आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम’ (AEBAS) के माध्यम से दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही, स्पष्ट निर्देश थे कि यदि उपस्थिति दर्ज नहीं होती है, तो संबंधित शिक्षक की उपस्थिति शून्य मानी जाएगी और उनका वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। इसी अनुपालन में कबीरधाम के जिला शिक्षा अधिकारी ने एक आदेश जारी किया है।

इन पदों से वापस लौटे शिक्षक

जारी आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे 11 शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। ये शिक्षक अब अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्थाओं में वापस लौटेंगे। इन शिक्षकों को निम्न कार्यालयों से कार्यमुक्त किया गया है:

बीआरसी/एबीईईओ कार्यालय: बीआरसी कार्यालय कवर्धा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहसपुर लोहारा, बोड़ला और पंडरिया।

एपीसी/समग्र शिक्षा: जिला मिशन संचालक

कार्रवाई का कारण

डीपीआई के निर्देशानुसार, स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली अनिवार्य है। प्रशासनिक कार्यालयों में अटैच होने के कारण ये शिक्षक अपनी मूल शाला में उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे थे, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा था। अब इन शिक्षकों को तत्काल उनकी मूल संस्था में जाकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button