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छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम फूल स्पीड में दो करोड़ 12 लाख से अधिक मतदाताओं की होगी स्क्रीनिंग हटेंगे फर्जी मतदाता

रायपर प्रवक्ता.कॉम 10 नवंबर 2025

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छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक करीब 43 लाख मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कि प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या का लगभग 21 प्रतिशत है। विगत 4 नवम्बर से एसआईआर की शुरूआत के बाद से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 है ।

क्या है एसआईआर और क्यों जरूरी है इसे समझें –

चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को देश के 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दूसरे फेज का एलान किया था। शेड्यूल के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक फॉर्म प्रिंटिंग और ट्रेनिंग का काम होना था। अब आज यानी 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत हो रही है।
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर एसआईआर का फॉर्म बांटेंगे और फिर इसी के आधार पर 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रूफ नहीं है, लेकिन इसे एसआईआर प्रक्रिया में पहचान प्रमाण पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

एसआईआर का क्या है शेड्यूल?
गणना पत्रों की छपाई व बीएलओ को प्रशिक्षण- 28 अक्टूबर 2025 से तीन नवंबर 2025 तक।
घर-घर जाकर पुनरीक्षण का काम- चार नवंबर 2025 से चार दिसंबर 2025 तक।
मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन- 09 दिसंबर 2025
दावे और आपत्तियों का समय-09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक।
दस्तावेजों की जांच के लिए नोटिस, सुनवाई, सत्यापन: 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन- 07 फरवरी 2026
एसआईआर क्यों जरूरी?
आयोग ने इस दौरान बताया कि एसआइआर क्यों जरूरी है। आयोग के मुताबिक बदलते शहरीकरण में लोगों का तेजी से विस्थापन हो रहा है। यह इसकी एक बड़ी वजह है। दूसरा इसके चलते कई जगहों पर लोगों के मतदाता सूची में दो-दो जगह से नाम दर्ज है। तीसरा मतदाता सूची में मतदाताओं के मृत होने के बाद भी नामों का हटाया न जाना है।

चौथी वजह देश के तमाम हिस्सों में गलत तरीके से घुसपैठ करके बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जुड़वा लिया है। एसआइआर के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो सकेगी

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