सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद तोड़ी भूख हड़ताल, केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद लिया फैसला

नई दिल्ली: प्रवक्ता .कॉम 24 जुलाई 2026
प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिनों से चल रही लंबी भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त कर दी है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो और लेह-लद्दाख के शीर्ष निकाय (एपक्स बॉडी) के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद रहे।

क्यों लिया अनशन खत्म करने का फैसला?
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक और अन्य शिक्षा सुधारों से जुड़ी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। अपना फैसला लेते हुए उन्होंने कहा कि देश में किसी भी तरह की हिंसा की संभावना को टालने और सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।
सरकार की तरफ से क्या मिला आश्वासन?
सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि:
संसद मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई या मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
संसद में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के समाधान पर सार्थक चर्चा होगी।
परीक्षा में गड़बड़ी और अन्य कारणों से जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है।





