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आज टेट प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई 25 लाख से अधिक टीईटी प्रभावित शिक्षकों की है फैसले पर नजर

सुनवाई में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच विभिन्न राज्यों, शिक्षक संघों और व्यक्तिगत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी। इसमें लगभग 2.5 मिलियन (25 लाख) शिक्षकों का भविष्य दांव पर लगा है।

TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर वर्तमान में निम्नलिखित महत्वपूर्ण अपडेट्स प्राप्त हुए जिसके मुताबिक़ आज सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश ,बिहार, त्रिपुरा सहित कई राज्यों और शिक्षकों से जुड़े संगठनों ने पुनर्विचार अपील दायर की थी। इस मामले में स्टेट ऑफ त्रिपुरा बनाम सजल देब प्रकरण की सुनवाई पहले सप्ताह होनी थी जो तकनीकी वजहों ने नहीं हो पाई थी।
​सुप्रीम कोर्ट सुनवाई की तिथि
​28 अप्रैल 2026: ताजा अपडेट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने TET की अनिवार्यता से जुड़े मामले (जैसे कि क्या इसे पिछली तारीख से लागू किया जाना चाहिए या नहीं) की सुनवाई के लिए 28 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।
​इस सुनवाई में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच विभिन्न राज्यों, शिक्षक संघों और व्यक्तिगत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी। इसमें लगभग 2.5 मिलियन (25 लाख) शिक्षकों का भविष्य दांव पर लगा है।

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सुप्रीम कोर्ट में TET अनिवार्यता से जुड़े इस महत्वपूर्ण
​ केस विवरण
​डायरी नंबर: 45051 / 2024
​केस का शीर्षक: द स्टेट ऑफ त्रिपुरा बनाम सजल देब (The State of Tripura vs. Sajal Deb) एवं अन्य संबद्ध याचिकाएं।
​संबद्ध केस (बिहार): SLP(C) No. 022049/2023 (The State of Bihar vs. TET Teachers Association)।
​आज (28 अप्रैल 2026) की स्थिति
​आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की बेंच (जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन) कई राज्यों की याचिकाओं पर एक साथ विचार कर रही है।
​मुख्य बिंदु: कोर्ट इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या RTE कानून के तहत पुराने (इन-सर्विस) शिक्षकों को TET से स्थायी छूट दी जा सकती है या नहीं।
​RTE Amendment Bill 2026: सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए संशोधन विधेयक का भी जिक्र हो रहा है, जो पुराने शिक्षकों को राहत दे सकता है।


​महत्वपूर्ण बिंदु और हालिया घटनाक्रम
​रिव्यू पिटीशन: सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले (जिसमें TET को अनिवार्य किया गया था) के खिलाफ 46 से अधिक रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिकाएं) दायर की गई हैं। राज्य सरकारों और शिक्षकों की मांग है कि TET को “प्रोस्पेक्टिव” (भविष्य की तारीख से) लागू किया जाए न कि “रिट्रोस्पेक्टिव” (पिछली तारीख से)।
​हाई कोर्ट का रुख (उत्तर प्रदेश): इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में (24 अप्रैल 2026) D.El.Ed-ODL धारकों को राहत देते हुए उन्हें UP-TET 2026 की परीक्षा में बैठने की अंतरिम अनुमति दे दी है। इस मामले की अगली सुनवाई हाई कोर्ट में 22 मई 2026 को होनी है।
​त्रिपुरा सरकार की अपील:

त्रिपुरा सरकार ने भी शिक्षकों के वेतन से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिस पर कोर्ट ने फिलहाल रोक (Stay) लगा दी है।

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