आज टीईटी पर ओपन कोर्ट में दोपहर 2 बजे से सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई 25 लाख शिक्षकों की होगी फैसले पर नजर राहत मिलेगी या नहीं तय हो जाएगा ?
ओपन कोर्ट सुनवाई: आमतौर पर रिव्यू पिटीशन जजों के चेंबर में सुनी जाती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने वकीलों को खुली अदालत में मौखिक बहस (Oral Arguments) की अनुमति दी है।
दिल्ली
प्रवक्ता.कॉम 13 मई 2026
आज, 13 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) पर एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। यह मामला देश भर के लगभग 25 लाख इन-सर्विस (कार्यरत) शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा है।

आज की सुनवाई का विवरण
समय: सुनवाई दोपहर 2:00 बजे शुरू होने के लिए निर्धारित है।
पीठ (Bench): जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
मामला: यह सुनवाई उन याचिकाओं पर है जो सितंबर 2025 के उस फैसले को चुनौती देती हैं, जिसमें कोर्ट ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए 2 साल के भीतर TET पास करना अनिवार्य कर दिया था।
क्या है पूरा विवाद?
पिछला फैसला सितंबर 2025 में SC ने कहा था कि RTE एक्ट के तहत सभी शिक्षकों को TET पास करना होगा, चाहे उनकी नियुक्ति कभी भी हुई हो।
याचिकाकर्ताओं का तर्क उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के शिक्षक संघों का तर्क है कि RTE एक्ट को पुरानी नियुक्तियों पर “पिछली तारीख” (Retrospective) से लागू नहीं किया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण की कमी राज्यों का तर्क है कि शिक्षकों की कमी और पर्याप्त प्रशिक्षण संस्थानों के अभाव में केंद्र ने पहले ही कुछ छूट दी थी।
खतरे में नौकरियां यदि यह नियम लागू रहता है, तो जो शिक्षक 2 साल में TET पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें “अनिवार्य सेवानिवृत्ति” (Compulsory Retirement) दी जा सकती है।
आज की सुनवाई से बड़ी उम्मीद
आज की सुनवाई ओपन कोर्ट (Open Court) में होगी, जो कि पुनर्विचार याचिकाओं के मामले में दुर्लभ है। इससे शिक्षकों के वकीलों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का मौका मिलेगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए अपनी ओर से पक्ष रखने की तैयारी की है।






