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वीएसके 2.0 (CGVSK) एप अपग्रेड: अब नेटवर्क न होने पर भी स्कूल के शिक्षक दर्ज कर सकेंगे बायोमीट्रिक हाजिरी, दूरस्थ क्षेत्रों के 1.75 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत सबसे पहले प्रवक्ता.कॉम ने लिखा था कि जल्द ही बायोमीट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था लागू होगी

​रायपुर प्रवक्ता.कॉम 26 अगस्त 2026

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​छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को और अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-युक्त बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. नेटवर्क की समस्याओं और तकनीकी बाधाओं के कारण लंबे समय से विरोध का सामना कर रहे शिक्षकों के लिए विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके 2.0) एप का नया और अपडेटेड वर्जन तैयार कर लिया गया है। अब बस्तर, सरगुजा और अन्य दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों के शिक्षक बिना इंटरनेट के भी बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट के जरिए अपनी ऑफलाइन अटेंडेंस दर्ज कर सकेंगे।

आज से क्या कुछ बदल जायेगा जानिए

अब ऑफलाइन मोड की सुविधा:

पहले बिना इंटरनेट के वीएसके एप काम नहीं करता था, जिससे नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भारी समस्या होती थी। नए 2.0 वर्जन में ‘ऑफलाइन-फर्स्ट’ सिस्टम जोड़ा गया है, जिससे शिक्षक बिना नेटवर्क के भी फिंगरप्रिंट और जीपीएस के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे।

ऑटोमैटिक डेटा सिंक:

जैसे ही शिक्षक का मोबाइल किसी नेटवर्क क्षेत्र में आएगा, सुरक्षित रखा गया पूरा डेटा (हाजिरी की तारीख, समय, जीपीएस लोकेशन और फिंगरप्रिंट सत्यापन) स्वतः मुख्य सर्वर पर अपलोड (सिंक) हो जाएगा।

फर्जी हाजिरी पर रोक (जियो-फेंसिंग):

फर्जी उपस्थिति पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एप में जियो-फेंसिंग तकनीक लागू की गई है। इसके तहत उपस्थिति केवल तय स्कूल या निर्धारित परिसर के भीतर से ही दर्ज हो सकेगी।

आंखों के स्कैन की जगह फिंगरप्रिंट:

पहले उपस्थिति दर्ज करने के लिए आइरिस स्कैन (आंखों के स्कैन) या फोटो पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें काफी समय लगता था। अब इसे बदलकर आसान बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट सिस्टम कर दिया गया है।

वेतन से सीधे जुड़ी ऑनलाइन हाजिरी:

शासन के नए निर्देशों के अनुसार, आने वाले समय में शिक्षकों का मासिक वेतन केवल डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही जारी किया जाएगा। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने पर वेतन रोका जा सकता है, ऐसे में यह नया ऑफलाइन अपडेट शिक्षकों के लिए वरदान साबित होगा।

बस्तर और सरगुजा संभाग को बड़ी राहत:

इस अपग्रेडेशन से छत्तीसगढ़ के प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों और कार्यालयों में पदस्थ करीब 1.75 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, विशेषकर बस्तर, सरगुजा, गरियाबंद और बिलासपुर संभाग के दूरस्थ इलाकों के शिक्षकों को।

सख्त मॉनिटिरिंग और पारदर्शिता:

विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से राज्य और जिला स्तर के अधिकारी सीधे स्कूलों की उपस्थिति ट्रैक कर सकेंगे, जिससे शिक्षकों की लेट-लतीफी और स्कूल से गायब रहने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगेगी।

सबसे पहले 24 जुलाई को प्रवक्ता .कॉम ने लिखा

प्रवक्ता डॉट कॉम के अनुसार, छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव किया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत उपयोग किए जा रहे वीएसके ऐप की जगह अब आधार आधारित बायोमैट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने की तैयारी चल रही है।

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