लोक शिक्षण संचालनालय ने टीईटी परीक्षा के संबंध में जारी किया प्रेस नोट जानें डीपीआई ने क्या कहा है परीक्षा के संबंध में

नवा रायपुर प्रवक्ता.कॉम 22 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सेवारत शासकीय शिक्षकों और नए अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में, राज्य सरकार ने गैर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए वर्ष में कम से कम दो बार विशेष टीईटी (TET) परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। यह परीक्षा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

5 वर्ष या उससे अधिक सेवा शेष वाले शिक्षकों के लिए अनिवार्य
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिन सेवारत शासकीय शिक्षकों की सेवा अवधि 5 वर्ष या उससे अधिक बची है, उन्हें अपनी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति प्राप्त करने के लिए समुचित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
60 हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ में लगभग 60 हजार से अधिक ऐसे सेवारत शासकीय शिक्षक हैं, जो टीईटी उत्तीर्ण न होने के कारण अपनी सेवा निरंतरता में रुकावट का सामना कर रहे थे। शासन के इस निर्णय से इन सभी शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
सामान्य अभ्यर्थियों के लिए ‘व्यापमं’ की जगह ‘कर्मचारी चयन मंडल’ कराएगा परीक्षा
विशेष परीक्षा के अलावा, सेवारत शिक्षकों एवं अन्य गैर-सेवारत नए अभ्यर्थियों के लिए सामान्य टीईटी परीक्षा आयोजित करने हेतु ‘छ.ग. कर्मचारी चयन मंडल’ को अधिकृत किया गया है। पूर्व में यह परीक्षा ‘छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल’ (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जाती थी। अब कर्मचारी चयन मंडल वर्ष में कम से कम एक बार सामान्य टीईटी परीक्षा का आयोजन करेगा।





