विभागीय TET की लड़ाई जीती, अब वेतन विसंगति और पेंशन पर आर-पार की तैयारी; शिक्षक साझा मंच का बड़ा ऐलान
रायपुर, प्रवक्ता डॉट कॉम , 22 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में सेवारत गैर-टीईटी शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने के प्रस्ताव पर शासन की सहमति मिलने से शिक्षकों के बीच नई उम्मीद जगी है। छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने इसे लंबे समय से जारी प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताते हुए कहा है कि अब इस सहमति को जल्द अमल में लाना जरूरी है।
स्कूल शिक्षा विभाग के 21 अक्टूबर 2026 के पत्र के अनुसार, सेवारत गैर-टीईटी शासकीय शिक्षकों के लिए निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित करने तथा साल में न्यूनतम दो बार परीक्षा कराने पर सहमति दी गई है। परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देशों को लेकर अब विभाग के अगले आदेश का इंतजार है।

शिक्षक साझा मंच ने इस मुद्दे को लेकर लगातार शासन और विभागीय स्तर पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के समक्ष मांग उठाने, शिक्षा सचिव और अधिकारियों से लगातार संवाद और चर्चा करने और ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों की चिंताओं को सामने लाने के बाद यह प्रगति हुई है। मंच का कहना है कि सेवारत शिक्षकों को उनकी परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षा का अवसर मिलना आवश्यक है।
ये हमारी नहीं समस्त शिक्षक संवर्ग एकता की बड़ी जीत शिक्षक साझा मंच के संचालक रविन्द्र राठौर ने कहा कि विभागीय टीईटी पर सहमति उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे समय से इस विषय पर समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब शासन और विभाग को प्रक्रिया में अनावश्यक देरी किए बिना स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए, ताकि शिक्षकों को आगे की तैयारी के लिए निश्चित दिशा मिल सके।
अब वेतन विसंगति दूर करने की बारी : शिक्षक साझा मंच के संचालक प्रदीप पांडेय ने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और प्रथम नियुक्ति से पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नति, पेंशन सहित पात्र सेवा लाभ दिलाने की मांग पर गंभीर निर्णय होना चाहिए। उनके अनुसार, वर्षों की सेवा देने वाले शिक्षकों को उनके सेवा अनुभव के अनुरूप लाभ मिलना चाहिए।
विकास राजपूत ने किया आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान : शिक्षक साझा मंच के संचालक विकास राजपूत ने कहा कि टीईटी के मुद्दे पर मिली प्रगति से शिक्षक संवर्ग को आगे की लड़ाई के लिए नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि वेतन विसंगति और पूर्व सेवा गणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के लिए भी संगठित प्रयास जरूरी हैं।
मंच के संचालक जाकेश साहू और लैलून भारद्वाज़ ने स्पष्ट किया कि विभागीय टीईटी के बाद अब सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का निराकरण, प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना तथा क्रमोन्नति और पेंशन सहित समस्त पात्र सेवा लाभ प्रमुख मांगें रहेंगी। शिक्षक साझा मंच ने प्रदेश के शिक्षकों से एकता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।मंच के अनुसार, किसी भी लंबित समस्या का स्थायी समाधान स्पष्ट शासनादेश से ही संभव है। इसलिए शिक्षकों की मांग है कि विभागीय टीईटी पर बनी सहमति को शीघ्र लागू किया जाए और सहायक शिक्षकों से जुड़े लंबित सेवा एवं आर्थिक मामलों में भी ठोस निर्णय लेकर राहत प्रदान की जाए।






