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डीपीआई ने दिया शिक्षकों को टीईटी पास करने का अल्टीमेटम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के परिपालन में जारी किया निर्देश

टीईटी पर जल्द ही छत्तीसगढ़ में इसी तरह के निर्देश हो सकते हैं जारी, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई है,अन्य राज्यों ने भी कुछ जरूरी कदम उठाए हैं

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भोपाल प्रवक्ता कॉम 7 मार्च 2026

टीईटी पर विशेष रिपोर्ट

लोक शिक्षण संचालनालय ने मध्यप्रदेश में टीईटी के संबंध ने नया निर्देश जारी करते हुए समस्त संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय के परिप्रेक्ष्य में ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी की परीक्षा पास करनी है जो प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में नियुक्त हैं।

डीपीआई संचालक मध्यप्रदेश ने ऐसे सभी शिक्षकों को न्यायालय के निर्णय से अवगत कराने को कहा है।

डीपीआई ने क्या लिखा है पढ़ें

अपने पत्र क्रमांक-यूसीआर सी / 85 / प्रा.मा.शि./ 2025-26/ 356 भोपाल, दिनांक 027/ 037 2026 के अनुसार
1 समस्त संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण मध्य प्रदेश। 2. समस्त जिला शिक्षा अधिकार्री मध्य प्रदेश ।
विषयः- माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ के शिक्षको को पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने संबंधी सचना प्रदान करने बावत्।
-00-
विषयान्तर्गत शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनसार प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के अध्यापकों को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील 1385 / 2025, 1386 / 2025 एवं अन्य समरूप याचिकाओं में पारित आदेश दिनांक 01 सितम्बर 2025 के अनसार प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन करन वाले अध्यापकों को आगामी दो वर्षो में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा यदि निर्धारित अवधि में शिक्षक, पात्रता परीक्षा उतीर्ण नहीं करते है एवं उनकी सेवानिवत्ति मे 5 वर्ष से अधिक का समय शेष हो तो ऐसे शिक्षको को स्वयं सेवानिवृत्त होने अथवा अनिवार्य सेवानिवत्ति प्रदान किये जाने संबंधी आदेश दिया गया’ है। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश का ऑपरेटिव पैरा निम्नानुसार है :-
nsofar as in-service teachers recruited prior to enactment of the RTE Act and having more than 5years to retire on superannuation are concerned, they shall be under an obligation to qualify the TET within 2 years from date in order to continue in service.f any of such teachers fai to qualify the TET within the time that we have allowed, they shall have tc quit service. They may be compulsorily retired;, and paid whatever termina benefits they are entitled to.We adda rider that to qualify for the termina benefits, such teachers musthave putin the qualifying periodofservice, ir accordance with the rules.f any teacher has not put in the qualifying service and there is some deficiency, his/her case may be considered by he appropriate departmentin the Government upon a representation being made by him/her
Subiect to what we have said above, it is reiterated that those aspiring for appointment and those in-service teachers aspiring for appointment by promotion must, however, qualify the TET; or else, they would have no righ of consideration of their candidature
अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुकम में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के सभी संवर्गों के शिक्षको हेत् पात्रता परीक्षा का आयोजन माह जुलाई एवं अगस्त 202 में सम्भावित है। अतः ऐसे सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के सभी संवर्गो के शिक्षको क जो पर्व से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नही है को पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु सूचित करन २ सनिशिचित करें।

छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही निर्देश हो सकता है जारी – डीपीआई सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा यहां भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश की ही तरह से निर्देश जारी कर सकता है।

अगर ऐसा होता है प्रदेश के हजारों शिक्षकों के समक्ष टेट पास करने की चुनौती होगी । इस फैसले से किसी तरह के राहत की उम्मीद शिक्षक के रहे थे पर अभी तक ऐसा कुछ हुआ नहीं है ।

सुप्रीम कोर्ट में लगी है पुनरीक्षण याचिका – इस फैसले के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई है ।

उत्तर प्रदेश सरकार भी शिक्षकों के पक्ष में है कोर्ट

TET अनिवार्यता के संदर्भमें त्रिभुवन दत्त (विधायक आलापुर) के तारांकित प्रश्न का बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा दिया गया उत्तर।

शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता पर आया न्यायिक निर्णय पूरे देश में लागू है, इसलिए राज्य सरकार ने इस मामले में रिव्यू याचिका दायर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी स्कूल को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और न ही एक भी विद्यालय बंद किया गया है। मंत्री ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों को मनचाही तैनाती देने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर पूरे विषय पर विचार चल रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे सभी संबंधित पक्षों को स्पष्टता मिल सके।

टीईटी के संबंध में अलग अलग राज्यों के स्थितियूपी (उत्तर प्रदेश) में स्थिति: उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में बताया है कि जो शिक्षक TET उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें इसे पास करना अनिवार्य होगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार (Review Petition) के लिए जा चुकी है, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सितंबर 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, यदि शिक्षक 2 वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण नहीं करते हैं, तो उनकी नौकरी पर खतरा आ सकता है।

  • छूट की स्थिति: जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) में 5 वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें टीईटी पास करने से छूट दी जा सकती है, लेकिन वे पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे।
  • जम्मू-कश्मीर का बयान: जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने कहा है कि फिलहाल टीईटी का कोई तत्काल आदेश जारी नहीं किया गया है और राज्य में इसे तुरंत लागू करने की आवश्यकता नहीं है।
  • विशेष टीईटी (STET): तमिलनाडु जैसे राज्यों में सरकार ने टीईटी अनिवार्यता के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए 2026 में विशेष टीईटी (Special TET) आयोजित करने का आदेश जारी किया है।

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