कर्मचारियों को मिलेगी 20 लाख तक कैसलेस चिकित्सा की सुविधा वरिष्ठ सचिव समिति ने दी प्रस्ताव को मंजूरी जल्द कैबिनेट में आएगा
अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इसमें 20 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा रहेगा। पहले यह 35 लाख रुपए प्रस्तावित था। बीमा के लिए कर्मचारियों से मूल वेतन का एक प्रतिशत और पेंशनरों से चार प्रतिशत अंशदान (प्रीमियम) प्रतिमाह लिया जाएगा
भोपाल / प्रवक्ता कॉम 28 मार्च 2026
मप्र में कर्मचारियों-पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग जल्द सरकार पूरी करने जा रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसे कुछ संशोधन के निर्देश के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति की स्वीकृति मिल गई है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इसमें 20 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा रहेगा। पहले यह 35 लाख रुपए प्रस्तावित था। बीमा के लिए कर्मचारियों से मूल वेतन का एक प्रतिशत और पेंशनरों से चार प्रतिशत अंशदान (प्रीमियम) प्रतिमाह लिया जाएगा।

योजना में आएंगे 11 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर
लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर आएंगे। राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर मप्र सरकार यह स्वास्थ्य बीमा योजना ला रही है। इसमें हितग्राही का फोटोयुक्त यूनिक आईडी डिजिटल कार्ड बनाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसमें कानूनी, बीमा क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ रहेंगे।
क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज, अस्पतालों की संबद्धता आदि काम देखने के लिए तकनीकी टीम भी रहेगी। टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा, जो योजना की समीक्षा और नीतिगत निर्णय से जुड़े मामले देखेगी। कर्मचारी पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री और पेंशनर पति और उसकी पत्नी या पेंशनर पत्नी और उसके पति इसके लिए पात्र होंगे।





