
जांजगीर-चांपा / रायपुर:
प्रवक्ता.कॉम 3 सितंबर 2026
सोशल मीडिया पर ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (VSK App) का विरोध करने और शासन-प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करने के मामले में शासकीय हाई स्कूल तुलसी (विकासखंड नवागढ़) की व्याख्याता (एल.बी.) श्रीमती निर्मला कोमल लहरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा दिए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ का जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वी.एस.के. ऐप (VSK App) के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी लागू होने के विरोध में 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। आरोप था कि व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे ने इस वीडियो में मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और जांजगीर-चांपा कलेक्ट्रेट के खिलाफ अशोभनीय व तथ्यहीन टिप्पणियां की थीं।
DEO ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा ने 1 सितंबर 2026 को नोटिस जारी कर 2 सितंबर तक शिक्षिका से जवाब तलब किया था। विभाग का मानना था कि एक शासकीय कर्मचारी होते हुए इस तरह की बयानबाजी अनुशासनहीनता और कदाचरण की श्रेणी में आती है।
स्पष्टीकरण असंतोषजनक, संचालनालय ने की कार्रवाई

DEO द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय (नवा रायपुर) ने पाया कि शिक्षिका का यह कृत्य शासकीय एवं विभागीय छवि को धूमिल करने वाला है। यह ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965’ के नियम 03 एवं नियम 10 का स्पष्ट उल्लंघन है। शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत प्रतिवाद (स्पष्टीकरण) को असंतोषजनक मानते हुए संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966’ के तहत उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती लहरे का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा तय किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।





