ऐतिहासिक तथ्यों को पढ़ाना अपराध नहीं: शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा मुंगेली में शिक्षकों ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन

मुंगेली प्रवक्ता कॉम 17 अगस्त ,2026
केरल के कासरगोड जिले में विद्यालयी क्विज प्रतियोगिता के दौरान स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर से जुड़ा ऐतिहासिक प्रश्न पूछे जाने पर शिक्षक श्री गुरु प्रसाद के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ (जिला मुंगेली) के बैनर तले शिक्षकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महासंघ ने इसे शिक्षकों की अकादमिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए निलंबन को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर जिला अध्यक्ष अत्री प्रताप सिंह , अशोक सोनी ,आकाश सिंह परिहार के नेतृत्व में माननीय राष्ट्रपति, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

प्रमुख मांगें
निलंबन वापसी: केरल के कासरगोड जिले के कुंबला सब-डिस्ट्रिक्ट में शिक्षक श्री गुरु प्रसाद पर की गई निलंबन की कार्रवाई को तत्काल और बिना शर्त वापस लिया जाए।
निष्पक्ष जाँच:

प्रश्न निर्माण, स्रोत, जांच और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच हो।
अकादमिक स्वतंत्रता: शिक्षा को राजनीतिक दबाव और पूर्वाग्रहों से मुक्त रखा जाए ताकि शिक्षकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा सुरक्षित रहे।
महासंघ ने अपने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि भारत का स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा की बपौती नहीं है, बल्कि इसमें महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, सरदार पटेल और सावरकर सहित असंख्य राष्ट्रभक्तों का योगदान रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक और महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।





