जशपुर के सरकारी स्कूलों में तकनीकी क्रांति , अब विद्यार्थियों को पढ़ाई जाएगी एआई, कोडिंग और रोबोटिक्स
कार्यक्रम के तहत हर एक विद्यार्थी का व्यक्तिगत 'स्टूडेंट टेक्नोलॉजी पासपोर्ट' तैयार किया जाएगा। इसमें छात्र के कौशल विकास, समय-समय पर होने वाले मूल्यांकन और उनके द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम की मासिक प्रगति रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
जशपुर प्रवक्ता.कॉम 28 अक्टूबर (विशेष संवाददाता)
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से लैस करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। इसके तहत जिला प्रशासन और ‘एडु रोबोवर्स’ के बीच एक गैर-वित्तीय सहयोग समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जिले के चयनित तीन सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को एक वर्ष तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
किताबी ज्ञान से परे, व्यावहारिक नवाचार पर जोर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि तकनीक का व्यावहारिक उपयोग सीखेंगे। कार्यक्रम के दौरान छात्र इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की सहायता से सेंसर, मोटर और विभिन्न उपकरणों को आपस में जोड़कर स्मार्ट सिस्टम तैयार करना सीखेंगे।
इसके साथ ही, वे कृषि, जल संरक्षण, वन, पर्यावरण और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण स्थानीय विषयों पर आधारित वास्तविक प्रोजेक्ट्स (Real-time Projects) का निर्माण करेंगे, जिससे उनमें जमीनी समस्याओं को हल करने की ललक पैदा होगी।
हर स्कूल में नियुक्त होगा विशेष ट्रेनर
कार्यक्रम के सुचारू संचालन और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘एडु रोबोवर्स’ की तरफ से प्रत्येक भाग लेने वाले स्कूल में एक विशेष तकनीकी ट्रेनर की नियुक्ति की जाएगी। ये ट्रेनर सप्ताह में दो दिन विद्यार्थियों की विशेष कक्षाएं लेंगे और साथ ही स्कूल के शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण देंगे, ताकि इस पहल को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
‘स्टूडेंट टेक्नोलॉजी पासपोर्ट’ से होगा मूल्यांकन
कार्यक्रम के तहत हर एक विद्यार्थी का व्यक्तिगत ‘स्टूडेंट टेक्नोलॉजी पासपोर्ट’ तैयार किया जाएगा। इसमें छात्र के कौशल विकास, समय-समय पर होने वाले मूल्यांकन और उनके द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम की मासिक प्रगति रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। प्रशिक्षण सत्र के समापन पर विद्यार्थी अपने बनाए गए नवीन प्रोजेक्ट्स का सार्वजनिक प्रदर्शन (Exhibition) भी करेंगे।
अधिकारियों के विचार
जिला कलेक्टर रोहित व्यास ने इस पहल पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “आज का दौर पूरी तरह तकनीक पर आधारित है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की महत्ता हर क्षेत्र में बढ़ने वाली है। हमारे जशपुर के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं, जिन्हें केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी दुनिया से बाहर निकालकर ‘करके सीखने’ (Learning by doing) और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है।”
कलेक्टर ने विश्वास जताया कि इस योजना से जशपुर के दूरदराज ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार (Innovation) और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
इस महत्वपूर्ण एमओयू के अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, एडु रोबोवर्स के सीईओ विशाल श्रीवास्तव और डायरेक्टर आनंद विक्रम सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






