8वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार ने शर्तों को दी मंजूरी फिटमेंट फैक्टर 3 होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹45,000 संभव

नई दिल्ली
प्रवक्ता.कॉम 14 जून 2026
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही देश के लगभग 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़े संशोधन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
प्रभावित वर्ग: 55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स।
समय सीमा: आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का वक्त मिला है।
प्रभावी तिथि: 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, हालांकि अंतिम सिफारिशें 2027 तक आने की संभावना है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को बकाया (एरियर) का भुगतान किया जा सकता है।
वेतन वृद्धि का अनुमान: विशेषज्ञों के अनुसार, संशोधित ढांचे में 15 से 25 प्रतिशत तक की वेतन वृद्धि संभव है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है यह महत्वपूर्ण?फिटमेंट फैक्टर
वह गुणांक (multiplication factor) है, जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित कर नया वेतन ढांचा तैयार किया जाता है।
7वें वेतन आयोग का गणित: पिछले वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹15,000 से बढ़कर ₹38,550 हो गया था। (नोट: लेवल-1 के तहत न्यूनतम वेतन ₹18,000 निर्धारित था, जबकि अधिकारियों की शुरुआती सैलरी ₹56,100 तय की गई थी, जिससे कुल 14.29% की वृद्धि हुई थी)।
8वें वेतन आयोग की मांग: विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3 से 5 तक बढ़ाने की मांग रखी है।
₹45,000 न्यूनतम वेतन की संभावना: यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 3 लागू करती है, तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन बढ़कर ₹45,000 तक पहुंच सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक स्तर कर्मचारियों की मांग से थोड़ा कम रह सकता है।
वर्तमान स्थिति: राज्यों का दौरा कर रहा है आयोग
8वां वेतन आयोग वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है। आयोग के सदस्य अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से मिलकर उनके सुझाव एकत्र कर रहे हैं। इन सुझावों में मुख्य रूप से:
- वेतन संरचना (Salary Structure) में सुधार,
- भत्तों (Allowances) का पुनरीक्षण, और
- सेवानिवृत्ति लाभों (Retirement Benefits) को बेहतर बनाने की मांग शामिल है। 8वें वेतन आयोग की बैठकों का शेड्यूल (2026)
| शहर / स्थान | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | बैठक की तारीखें | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| देहरादून | उत्तराखंड | 24 अप्रैल 2026 | संपन्न (पहला परामर्श दौरा) |
| नई दिल्ली | दिल्ली | 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 | संपन्न (शुरुआती दौर की बैठकें) |
| पुणे | महाराष्ट्र | 4 मई और 5 मई 2026 | संपन्न |
| हैदराबाद | तेलंगाना | 18 मई और 19 मई 2026 | संपन्न |
| श्रीनगर | जम्मू और कश्मीर | 1 जून से 4 जून 2026 | संपन्न |
| लेह | लद्दाख | 8 जून 2026 | संपन्न |
| लखनऊ | उत्तर प्रदेश | 22 जून और 23 जून 2026 | आगामी बैठक |





