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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल खत्म

रायपुर, 8 जुलाई 2026

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, व्यापारिक सुगमता, शिक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों को मंजूरी दी गई है। साय सरकार ने इस बैठक में कुल 11 बड़े प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई।

​बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

​1. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक को मंजूरी, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

​कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इसके लागू होने से उद्योगों के लिए डीम्ड परमिशन, सेल्फ सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही दोहरे लाइसेंसिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

​2. छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण (Commercial Tax Tribunal) होगा समाप्त

​जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़ी अपीलों में आई भारी कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के लिए मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। अब अधिकरण में लंबित सभी मामले ‘राजस्व मंडल’ (Board of Revenue) को ट्रांसफर किए जाएंगे, जिससे मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई है ताकि रिफंड की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जा सके।

​3. बिजली खरीद भुगतान के लिए लागू होगी RBI की डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था

​छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए अब त्रिपक्षीय अनुबंध के स्थान पर RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा और एनटीपीसी जैसे उपक्रमों से बिना किसी बाधा के बिजली की आपूर्ति जारी रहेगी।

​4. बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन और राजनांदगांव को सौगात

  • बस्तर फाइटर्स: कैबिनेट की बैठक में ‘छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति दी गई है।
  • आधुनिक ऑडिटोरियम: राजनांदगांव में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 2000 सीट की क्षमता वाले एक आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु शासकीय भूमि आवंटन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।

​5. रियल एस्टेट और किराना कानून में बड़े बदलाव (आदर्श किरायेदारी अधिनियम के अनुरूप)

  • नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट (OTS): नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों और परिसरों के बकाया ब्याज व अधिभार में राहत देने के लिए OTS योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और मुकदमेबाजी कम होगी।
  • भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन: खाली मकानों को किराए पर देने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने और विवादों के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। यह केंद्र सरकार के ‘मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021’ पर आधारित है।

​6. उच्च शिक्षा और पर्यावरण नियमों में सुधार

  • निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक: निजी विश्वविद्यालयों में अब विन्यास निधि के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा। बुनियादी ढांचे, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाओं को यूजीसी के मानकों के अनुरूप अनिवार्य किया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी।
  • जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम: केंद्र सरकार के इस कानून को राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किया जाएगा। इसके तहत छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड में बदला जाएगा, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनेगा।

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