छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को बड़ी सफलता: बाघों की संख्या दोगुनी, तमोर पिंगला बना देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

रायपुर: प्रवक्ता.कॉम 26 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ राज्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हाल ही में शासन-प्रशासन के प्रयासों और वन विभाग की सक्रियता से वन्यजीवों के संरक्षण को एक नया आयाम मिला है, जिससे प्रकृति प्रेमियों में खुशी की लहर है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर कहा
तेंदुए के शावक का सुरक्षित रेस्क्यू: बस्तर क्षेत्र के चित्रकूट रेंज के अंतर्गत वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तेंदुए के एक शावक को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस कदम से वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति विभाग की तत्परता स्पष्ट होती है।
बाघों की संख्या में शानदार वृद्धि: राज्य में वन्यजीव संरक्षण के बेहतर परिणामों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2022 में कैमरा ट्रैप के माध्यम से जहाँ राज्य में 17 से 18 बाघों की पहचान की गई थी, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 35 से 36 हो गई है। यह अभूतपूर्व वृद्धि राज्य की जैव विविधता के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है।
तमोर पिंगला देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और विजनरी मार्गदर्शन में गुरु घासीदास – तमोर पिंगला क्षेत्र को देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल राज्य के लिए बल्कि देश भर के वन्यजीव प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है।





