छत्तीसगढ़ में डिजिटल उपस्थिति और अवकाश प्रणाली बेपटरी: पोर्टल ठप होने से शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें, विभाग ऑन लाइन अवकाश की जबरदस्ती नहीं करे

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 10 अगस्त 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा डिजिटल उपस्थिति और ऑनलाइन अवकाश प्रणाली को अनिवार्य किए जाने के बाद से शिक्षकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। Teacher/Employee Establishment पोर्टल के लगातार ठप रहने और न खुलने के कारण शिक्षकों को अवकाश (छुट्टी) के आवेदन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि विभाग ने ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए हैं, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी तरह अटक गई है।
मुख्य समस्याएं और संकट देखिये किस तरह लगातार अलग अलग समय में पोर्टल नहीं खुला
पोर्टल की रिएलिटी देखिये लगातार अवकाश लेने प्रयास किया गया है लेकिन पोर्टल ही नहीं खुला इसकी जवाबदेही शिक्षक पर तो डाल ही नहीं सकते और अगर आकस्मिक परिस्थितियों में छुट्टी की जरूरत पड़ी तो विभाग ऑनलाइन अवकाश का जबरदस्ती न करे।


पोर्टल का न खुलना:
Teacher/Employee Establishment का सर्वर बेहद धीमा होने या लगातार तकनीकी एरर आने के कारण लॉगइन पेज लोड नहीं हो पा रहा है।
अनिवार्य डिजिटल नियम:
शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के तहत ऑफलाइन माध्यम से अवकाश आवेदन स्वीकार करना बंद कर दिया गया है।
वेतन कटौती का डर:
समय पर ऑनलाइन छुट्टी दर्ज न हो पाने की स्थिति में शिक्षकों में अनुपस्थिति और वेतन रुकने का भारी भय बना हुआ है।
अचानक बढ़ा सर्वर लोड:
एक साथ भारी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर लॉगइन करने के प्रयास से पूरी डिजिटल व्यवस्था चरमरा गई है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
इस गंभीर तकनीकी समस्या से जूझ रहे शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
सर्वर क्षमता में विस्तार: पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर इसकी स्पीड और सर्वर क्षमता को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
वैकल्पिक या ऑफलाइन व्यवस्था: जब तक पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से काम नहीं करता, तब तक विभाग को वैकल्पिक या ऑफलाइन माध्यम से अवकाश आवेदन स्वीकार करने की छूट देनी चाहिए।





