
बिलासपुर प्रवक्ता.कॉम 05 सितम्बर 2026
बिलासपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने काली पट्टी लगाकर शिक्षक दिवस का सांकेतिक बहिष्कार किया। संगठन ने सरकार से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, महंगाई भत्ता तथा लंबे अनुभव को ध्यान में रखते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट देने की मांग की।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बनाफर, प्रदेश सचिव जनार्दन त्रिपाठी, प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश शर्मा एवं बिलासपुर जिला अध्यक्ष हलधर प्रसाद साहू के साथ अन्य पदाधिकारी और सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया।
सरकार से शिक्षकों के सम्मान के साथ अधिकार देने की अपील
संगठन ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल सम्मान और शुभकामनाओं का दिन नहीं, बल्कि शिक्षकों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर विचार करने का भी अवसर है। वर्षों से सेवाएं दे रहे अनुभवी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
संघ ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि वास्तव में शिक्षकों को सम्मान देना है तो उनकी सेवा सुरक्षा, महंगाई भत्ता और वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखा जाए तथा लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से छूट प्रदान की जाए।
अनुभवी और नए शिक्षकों के हित में बने संतुलित नीति
संगठन का कहना है कि अनुभवी शिक्षकों और नए शिक्षकों के बीच संतुलन बनाते हुए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
संघ ने कहा कि शिक्षकों को वास्तविक सम्मान तभी मिलेगा, जब उनके अधिकार, सेवा सुरक्षा और अनुभव का संरक्षण सुनिश्चित होगा। इसी दिशा में सरकार और शिक्षकों के बीच सकारात्मक संवाद की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक कल्याण संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षक समुदाय की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शिक्षक हित में ठोस निर्णय लेगी।





